CBSE class 9 English Gulliver’s Travels Novel – Part III – A Voyage to Laputa, Balnibarbi, Luggnagg, Glubbdubdrib and Japan

CBSE class 9 English Gulliver’s Travels Novel – Part III – A Voyage to Laputa, Balnibarbi, Luggnagg, Glubbdubdrib and Japan

Voyage to Laputa

Gulliver hardly stayed with his family for 10 days when he got an offer to work as a surgeon on the ship “Hope-Well”. At Tonguin, the Captain gave Gulliver a sloop (ship). It was chased by the pirates. They set Gulliver adrift in a small boat. The boat touched an island named Laputa. Gulliver saw the flying-island about two miles above the island. It was a scientific wonder. The island could be raised and lowered as needed. Gulliver was surrounded by strange people who had their hand reclined either to the right or the left. One of their eyes turned inward and the other directly up to the sky. Those strange creatures were followed by their servants known as “flappers’. Their masters were always lost in intense speculations and thoughts. Their servants and flappers’ had to strike their master with bladders on the mouths or ears to draw their attention.

Laputa की ओर जलयात्रा

Gulliver अपने परिवार के साथ मुश्किल से 10 दिन ही ठहरा था कि उसे ‘Hope-well” जहाज पर एक सर्जन के रूप में काम करने का निमंत्रण मिला। Tonguing नामक स्थान पर कप्तान ने Gulliver को एक जहाज दिया। इसका समुद्री डाकुओं ने पीछा किया। उन्होंने Gulliver को एक छोटी सी किस्ती में बिठा कर छोड़ दिया। किस्ती Laputa नामक द्वीप पर आ कर लगी। Gulliver ने पृथ्वी से ऊपर उड़ते हुए टापू को देखा। यह एक वैज्ञानिक चमत्कार था। आवश्यकता के अनुसार टापू को ऊपर-नीचे किया जा सकता था। Gulliver को विचित्र लोगों ने जिनके हाथ दायें या बायें ओर मुड़ जाते थे, घेर लिया। उनकी एक आँख अन्दर की ओर मुड़ती थी और दूसरी सीधे आसमान की ओर। वे विचित्र प्राणियों का अपने नौकरों या सेवकों द्वारा अनुकरण किया जाता था। उनके स्वामी सदैव गहरे चिंतन और विचारों में डूबे रहते थे। उनके सेवकों या ‘flappers’ के द्वारा उनका ध्यान आकर्षित करने के लिये उन्हें ब्लैडरों द्वारा थपथपाया जाता था।

Geometrical Shapes; Music and Mathematics

Gulliver had to wait for more than an hour to meet the King. The King asked many questions but they couldn’t communicate with each other because of the language problem. At dinner table Gulliver noticed that mutton had been cut into an equilateral triangle; the beef into a rhomboid and pudding into a cycloid. The other articles were given the shapes of musical instruments like a harp, a fiddle and a flute. Gulliver picked up their language in the course of time. He learnt that the Flying Island was Laputa. Music and mathematics were the two general interests of the people and they were hardly concerned with anything else. They expressed their ideas through lines and figures. The houses were badly built and the people looked most awkward and clumsy. These people were always worried. They had no peace. They feared that in course of time the earth would be swallowed by the sun or the face of the sun would get dark. They never cared for their women and they were easily attracted towards strangers. Although Gulliver was not ill-treated on the island of Laputa, yet he felt neglected and desired to leave. He was allowed to leave and given costly gifts and a letter of recommendation by the King.

ज्यामिति की आकृतियाँ; संगीत और गणित

राजा से मिलने के लिये Gulliver को एक घंटे की प्रतीक्षा करनी पड़ी। राजा ने बहुत से प्रश्न पूछे परन्तु भाषा की समस्या के कारण वे एक दूसरे को समझ नहीं सके। रात्रि भोज पर Gulliver ने देखा कि मीट को समबाहु त्रिकोण में काटा गया था; गाय के माँस को समान्तर rhomboid (षटफलक) में और पूडिंग को एक Cycloid (चक्राभ) में काटा गया था। दूसरी वस्तुओं को वाद्ययंत्रों का आकार; जैसे कि हार्प, फिडल दिया गया था और अलगोजे का आकार समय रहते Gulliver उनकी भाषा सीख गया। उसे पता चला कि Flying Island, Laputa था। गणित और संगीत में लोगों की रूचि थी और वे अन्य चीजों की तनिक भी परवाह नहीं करते थे। वे अपने विचारों को लाइनों और आकारों द्वारा प्रकट करते थे। मकान बुरी तरह बनाये गये थे और लोग अजीब और बेहूदे लगते थे। वे लोग सदैव चिंतित रहते थे। उन्हें शांति नहीं थी। उन्हें चिन्ता थी कि एक समय आयेगा जब सूर्य पृथ्वी को निगल जायेगा और सूर्य का चेहरा अन्धकारमय हो जायेगा। वे अपनी औरतों की बिल्कुल भी परवाह नहीं करते थे और वे अजनबी लोगों की ओर शीघ्र ही आकर्षित हो जाती थी। हालांकि Gulliver के साथ Laputa टापू पर बुरा व्यवहार नहीं किया गया, फिर भी उसने उपेक्षित अनुभव किया और वहां से जाने की इच्छा करने लगा था। उसे वहां से जाने की अनुमति मिल गयी और राजा ने उसे कीमती भेंट दी और एक सिफारिशी-पत्र भी दिया।

Gulliver in Lagado

Gulliver was well received in Lagado by Munodi, for whom he had a letter of recommendation. Munodi had been the governor of Lagado for some years but was removed from the post for “insufficiency’. However, the King treated him with great respect. Munodi gave a detailed account of various futile schemes in Balnibarbi. These schemes were launched by the experts who visited Laputa and imitated their ways and works. Almost all projects failed as they were not practical.

Gulliver, Lagado में

उसी व्यक्ति के लिए Munodi ने Gulliver का अच्छे ढंग से स्वागत किया क्योंकि वह कुछ साल तक Lagado का गर्वनर रहा था परन्तु अकुशलता के कारण उसे पद से हटा दिया गया था। फिर भी, राजा उसके साथ बहुत सम्मानपूर्ण व्यवहार करता था। Munodi ने Balnibarbi में अनेक बेकार की स्कीमों का विस्तार से वर्णन किया। ये स्कीमें उन माहिरों द्वारा प्रारम्भ की गयी थी जो Laputa गये थे और उन लोगों के काम और तरीकों की नकल की थी। लगभग सारी योजनाएँ असफल हो गयी क्योंकि वे व्यावहारिक नहीं थी।

Visit to the Academy of Projectors and School of Political Projects in Lagado

At the Academy of Projectors, Gulliver found a scientist trying to extract sunbeams from cucumbers. Another scientist was working-on restoring human excrement to its original food. The other was trying to calcine ice into gunpowder. A blind man was mixing colors for painters. One Projector was trying to obtain silk from cob-webs. The school of Political projects were doing researches on keeping the legislators mentally fit, preparing medicines to stimulate the memory of the favorites of Kings and on other novel schemes.

Academy of Projectors और Lagado में School of Political Projects की यात्रा

Academy of Projectors Gulliver का एक वैज्ञानिक मिला जो खीरों से सूर्य किरणें निकालने का प्रयत्न कर रहा था। दूसरा वैज्ञानिक मनुष्य के मल-मूत्र को फिर से खाने के असली स्वरूप में बदलने का प्रयत्न कर रहा था। एक वैज्ञानिक बर्फ को गन-पाऊडर में परिवर्तित करने का प्रयत्न कर रहा था। एक अन्धा चित्रकारों के लिये रंगों का मिश्रण कर रहा था। एक Projector मक्कड़जालों से रेशम प्राप्त करने का प्रयत्न कर रहा था। Political Projects School विधायकों को नसिक रूप से चुस्त, राजाओं के चहेतों की याददास्त को तेज करने और दूसरी अनोखी योजनाओं पर शोध कर रहा था।

Visit to the island of Glubbdubdrib

Gulliver visited the island of Glubbdubdrib, the island of magicians. The governor himself was a magician who received Gulliver quite warmly. On Gulliver’s request, the governor produced the souls of Alexander the great, Homer, Aristotle, Caesar and many others. They talked to him and he knew that Alexander died of excessive drinking. The interrogation with the dead souls revealed how prostitutes, pimps, flatterers, cowards, liars ran the governments of many countries.

Glubbdubdrib टापू में आगमन

Gulliver ने Glubbdubdrib टापू, जादूगरों के टापू में आगमन किया। गर्वनर स्वयं एक जादूगर था जिसने Gulliver का गर्मजोशी से स्वागत किया। उसकी याचना पर, Governor ने सिकदर महान, होमर, अरस्तू, सीजर और बहुत से दूसरों की आत्माओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने Gulliverसे बात की और उसे पता चला कि सिकदर महान की मौत अधिक शराब पीने से हुई थी। मरी हुई आत्माओं से बात करने पर पता चला इत्यादि ने बहुत से देशों की सरकारें चलायी।

Warm Reception at Luggnagg

Gulliver took leave of the Governor and returned to Maldonada where he boarded a ship for Luggnagg. He was well received by the King. Gulliver had to lick the dust before meeting the King. Gulliver enjoyed the hospitality of Luggnagg for three months. The people were polite and generous. Gulliver was told that there were immort also in Luggnagg who would never die. Gulliver was asked what he would do if he had been immortal. He wished to be very rich man first. Then he would apply himself to the study of arts and sciences to be a learned man. And finally, he wanted to record his experiences for the benefit of mankind. But Gulliver was shocked and surprised that the immortals were the most miserable people on the earth. They were incapable of friendship and wished and prayed to die soon.
From Luggnagg Gulliver landed at a Japanese port. The Emperor exempted him from a terrible ceremony as he bought a letter of recommendation from the King of Luggnagg. With the help of the Emperor, Gulliver was able to board a Dutch ship “Amboyna. From Amesterdam he sailed to England. He met his wife and family again after five and a half years.

Luggnagg में गर्म – जोशी से स्वागत

Gulliver ने गर्वनर को अलविदा कहा और Maldonada चला आया जहां से उसने Luggnagg का जहाज पकड़ा। वहां राजा ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। राजा से मिलने से पहले उसे धूल-चाटनी पड़ी। तीन महीने तक Gulliver ने Luggnagg के आतिथ्य का आनन्द लिया। लोग विनम्र और दयालु थे। Gulliver को बताया गया कि Luggnagg में अमरता प्राप्त व्यक्ति थे जो कभी भी नहीं मरते थे। Gulliver से पूछा गया कि अमरता प्राप्त होने पर वह क्या करेगा। वह सब से पहले बहुत अमीर आदमी बनने की इच्छा रखता था। फिर वह और विज्ञान के अध्ययन के लिए स्वयं को होम कर देगा। और अन्तत: मानवता की भलाई के लिये वह अपने अनुभव को दर्ज करना चाहता था। लेकिन Gulliver को धक्का लगा और बहुत हैरानी हुई यह जानकर कि अमरता-प्राप्त व्यक्ति इस पृथ्वी पर सब से दुखी थे। वे दोस्ती के लायक नहीं थे और शीघ्र ही मरने की इच्छा और प्रार्थना करते थे। Luggnagg से Gulliver ने जापान की एक बन्दरगाह पर उतरा क्योंकि वह Luggnagg के राजा का सिारिशी पत्र लाया था, इसीलिये सम्राट ने उसे एक भयंकर रस्म से छूट दे दी थी। सम्राट की सहायता से, Gulliver एक डच जहाज “Amboyna” पर चढ़ने में सफल हुआ। Amesterdam से वह जहाज से इंग्लैण्ड आया। वह साढ़े पाँच साल के बाद अपनी पत्नी और परिवार से फिर मिला।

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