NCERT Solutions for Class 7 English An Alien Hand Chapter 6 I Want Something in a Cage

NCERT Solutions for Class 7 English An Alien Hand Chapter 6 I Want Something in a Cage

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I Want Something in a Cage NCERT Solutions for Class 7 English An Alien Hand Chapter 6

I Want Something in a Cage NCERT Text Book Questions and Answers

I Want Something in a Cage Comprehension check (Pages 38-39)

Question 1.
Write ‘True’ or ‘False’ against each of the following statements.
(i) Mr. Purcell sold birds, cats, dogs and monkeys ……………..
(ii) He was very concerned about the well-being of the birds and animals in his shop. ……………..
(iii) He was impressed by the customer who bought the two doves. ……………..
(iv) He was a successful shopowner, though insensitive and cold as a person. ……………..
Answer:
(i) True
(ii) False
(iii) False
(iv) True.

Question 2.
Why is Mr. Purcell compared to an owl ?
Answer:
He is compared to an owl because the way he looked through his large glasses gave him an appearance of an owl.

Question 3.
From the third paragraph pick out
(i) words associated with cries of birds,
(ii) words associated with noise
(iii) words suggestive of confusion and fear.
Answer:
(i) Twitters, squeals, cheeps and squeals.
(ii) Scampered, flicker, stir, rustling
(iii) Frightened, bewildered and blindly seeking.

Question 4.
“…..Mr. Purcell heard it no more than he would have heard the monotonous ticking of a familiar clock.” (Read para beginning with “It was a rough day…”)
(i) What does ‘iť refer to ?
(ii) Why does Mr. Purcell not hear ‘iť clearly ?
Answer:
(i) ‘It’ refers to the chirping, squealing and mewing all around Mr. Purcell in his birds selling shop.
(ii) Mr. Purcell is so much used to hear the fluttering and sounds of the birds that it becomes a matter of routine for him. The sounds are so much vibrating around him is that Mr. Purcell does not hear these clearly.

Comprehension check (Page 42)

Question 1.
Do you think the atmosphere of Mr. Purcell’s shop was cheerful or depressing ? Give reasons for your answer.
Answer:
I think the atmosphere around the shop of Mr. Purcell was quite dull and dreary. The shop was filled with frantic circles and frightened voices. The twittering and squeals and squeaks of birds ever made the matter worse and monotonous.

Question 2.
Describe the stranger who came to the pet shop. What did he want?
Answer:
The stranger who came to the pet shop was wearing a cheap ill-fitting suit. He had a shuttling glance and close-croped hair. He wanted something in a cage.

Question 3.
(i) The man insisted an buying the doves because he was fond of birds. Do you agree?
(ii) How had he earned the five dollars he had ?
Answer:
(i) The man was not that much fond of birds. In fact he insisted on buying doves because he wanted to set the doves free. He seemed to be imprisoned for a long time. That is why he wanted to make the doves realise the importance of freedom.
(ii) The man had earned five dollars in a long period of ten years’ hard labour. He had earned fifty cents a year.

Question 4.
Was the customer interested in the care and feeding of the doves he had bought? If not, why not? :
Answer:
I don’t think the customer was interested in the care and feeding of the doves. This is because he set them free immediately after buying them.

I Want Something in a Cage Exercises Question and Answer

Discuss the following topics in groups :

Question 1.
Why, in your opinion, did the man set the doves free?
Answer:
The man seemed to have been imprisoned for a long time. It was his love for freedom which inspired him to spend his hard earned money on buying the doves. He seemed to value freedom more than anything else. That is why, just after buying the doves, the man did not even pause for a moment to set the doves free.

Question 2.
Why did it make Mr. Purcell feel “vaguely insulted”?
Answer:
Mr. Purcell felt vaguely insulted because he had given the pair of doves at a good discount. He thought that the customer desperately needed the doves. He failed to understand as to why the man who had bargained for the best pair of doves had set them free.

I Want Something in a Cage Introduction

Mr. Purcell owns a pet shop. There is a constant noise of screeching and twittering in the shop, but Mr. Purcell is happily unaware of it. One cold morning, a strange customer calls. The customer wants something that has wings. He spends his ten years’ earning on a pair of doves. But he surprisingly set the doves free and throws away the cage.

I Want Something in a Cage Word notes

NCERT Solutions for Class 7 English An Alien Hand Chapter 6 I Want Something in a Cage 1
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I Want Something in a Cage Complete hindi translation

Part-I

Mr. Purcell. ……calls. (Page 36)

  • श्रीमान पर्सेल पालतू जानवरों की एक दुकान का मालिक है।
  • दुकान में से लगातार चिल्लाने और चहचहाने की आवाजें आती रहती हैं परन्तु श्रीमान पर्सेल इससे खुशी-खुशी बेखबररहते हैं।
  • एक सर्दी की सुबह, एक अजीब ग्राहक उसकी दुकान पर आता है।

1. Mr. Purcell… ……………….house.(Page 36)

श्रीमान पर्सेल भूतों पर विश्वास नहीं करते थे। फिर भी वह आदमी जिसने दो फाख्तायें खरीदी और उसके तत्काल पश्चात उसके अजीब व्यवहार ने उसमें एक रहस्यपूर्ण भावना छोड़ दी। उस ग्राहक के जाने के पश्चात् इस तरह लगा जैसे एक पुराने, छोड़े हुए घर के अंदर जैसी बदबू आ रही हो।

2. Mr. Purcell.. ……man. (Page 36)

श्रीमान पर्सेल छोटी-छोटी बातों पर उत्तेजित होने वाले ठिगने व्यक्ति थे जिनके लाल गाल थे और पेट सख्त तरबूज की तरह था। उनका बड़ा चश्मा उनकी आँखों को एक ऐसा रूप देता था जैसे कि एक अक्लमंद और हँसमुख उल्लू का होता है। उसकी पालतू जानवरों की एक दुकान थी। वह बिल्ली, कुत्ते और बंदर बेचते थे; वह मछली का खाना और चिड़ियों के लिए बीज भी बेचते थे। वह बीमार चिड़ियों का इलाज बताते थे, और एक अलमारी में लंबी कतार में सुशोभित और सुनहरे पिंजरे रखे थे। वह स्वयं को कुछ-कुछ व्यावसायिक व्यक्ति समझते थे।

3. A constant …….. …………a desert. (Pages 36-37)

हर प्रकार की गतिविधियाँ; धीमी-धीमी चहकने, चहचहाने की आवाजें, चीखों और तरह-तरह की आवाजों से उनकी दुकान भरी हुई थी। पक्षी भगदड़ मचाते इधर-उधर गोलाकार दिशा में घूम रहे थे; डरे हुए, हैरान और बिना किसी स्थिर दिशा में भटकते हुए। अलमारियों में अनेक प्राणी साँस ले रहे थे। पर जो ग्राहक अंदर आया उसने कहा, “क्या वे खूबसूरत नहीं हैं? उस छोटे से पिंजरे को देखो। वे प्यारे हैं।” और श्रीमान पर्सेल ने मुस्कुराते हुए अपने हाथ मलते हुए निश्चयपूर्वक अपना सिर हिलाया।

4. Each morning,………. ………..advertisements… (Page 37)

हर सुबह, जब दुकान खोलने का समय होता तो मालिक का नियम था कि ऊँचे स्टूल पर काउंटर के पीछे बैठकर अखबार पड़ता, और रोज की खबरों का आनंद लेता। पढ़ते हुए वह मूर्ख की तरह हँसता, त्यौरी चढ़ाता और सोचते हुए होठों को दबा लेता, भौहों को ऊपर हिलाता हुआ सहमति में सिर हिलाता। वह सब कुछ पढ़ता था, दिल टूटने वालों के लिए उपदेश और हर प्रकार के इश्तहार भी।

5. It was a…………….. ……………clock. (Pages 37-38)

वह एक अव्यवस्थित दिन था। बहुत तेज हवा से काँच की खिड़कियों की आवाज आ रही थी। सर्दी से शहर में सब ओर धुआँ उठ रहा था और धुंध से सब कुछ ढका हुआ था। अपना काम समाप्त करने के पश्चात श्रीमान पर्सेल दुबारा ऊँचे स्टूल पर बैठकर अखबार पढ़ने लगे। उन्होंने अपने चश्मे को सही किया और उस दिन की मुख्य खबरों पर नज़र डाली। चारों ओर चहचहाने की और किकियाने की म्याऊं-म्याऊं की आवाजें गूंज रहीं थीं, पर फिर भी श्रीमान पर्सेल ने इन्हें ऐसे सुना जैसे कि एक जानी-पहचानी घड़ी की टिक-टिक की ऊबाऊ आवाज हो।

6. There was a bell… ………out of thin air. (Page 38)

दरवाजे पर एक घंटी थी जो ग्राहक के आने पर बजती थी। आज सुबह श्रीमान पर्सेल ने याद किया, पहली बार यह नहीं बजी। उन्होंने ऊपर देखा, और सामने एक अजनबी खड़ा था, दरवाजे के बिल्कुल अन्दर, जैसे कि वह हवा में से प्रकट हो गया था।

7. The storekeeper …… ………..for you. . (Page 38)

दुकान का मालिक अपने स्टूल से नीचे उतरा। पहली ही नजर में वह स्वाभाविक प्रवृत्ति से जान गया था कि वह आदमी उससे नफरत करता था; पर फिर भी आदत के अनुसार उसने अपने हाथ तेजी से मलते, मुस्कुराते हुए उससे पूछा, “गुड मार्निंग, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?”

The customer ……..has ever seen.(Page 39)

  • ग्राहक को कुछ ऐसा चाहिए था जिसके पंख हो।
  • वह अपनी दस वर्ष की कमाई पक्षियों का एक जोड़ा खरीदने में खर्च कर देता है।
  • पक्षियों को खरीदने के बाद जो वह (ग्राहक) करता है वह अत्यन्त आश्चर्यजनक कार्य होता है जिसे श्रीमान पर्सेल ने . कभी नहीं देखा है

8. The man’s. …………… shop (Pages 39)

वह व्यक्ति चमकते जूते पहने आगे बढ़ा। उसका सूट सस्ता, बुरी फिटिंग वाला पर वास्तव में नया लगता था। वह लगातार घूर रहा था और उसके बाल बहुत छोटे कटे हुए थे। पर्सेल की ओर बिना ध्यान दिये अपनी नज़र दुकान के चारों ओर डाली।

9. “A nasty morning……….. ……….wanted?” (Page 39)

“एक बेकार सुबह,” दुकानदार ने कहा। वह अपने दोनों हाथ अपने तरबूज जैसे पेट पर रखकर महत्त्वपूर्ण ढंग से मुस्कुराया। “मैंने अखबार में पढ़ा कि बहुत सर्द समय है। अब आपको क्या चाहिए?”

10. The man …… ……………..that is small.” (Page 39)

वह व्यक्ति श्रीमान् पर्सेल की ओर ऐसे घूरने लगा जैसे कि उसको उनकी उपस्थिति का अब आभास हुआ हो। उसने कहा, “मुझे पिंजरे में कुछ चाहिए।” “कुछ पिंजरे में?” श्रीमान पर्सेल कुछ व्याकुल से हुए, “आपका मतलब …… किसी तरह का पालतू?” “मेरा मतलब वही है जो मैंने कहा,” व्यक्ति ने टोका। “कुछ पिंजरे में। कुछ जो छोटा हो।”

11. “I see,” hastened… ……………..Mr. Purcell (Page 39)

“मैं समझा,” दुकानदार ने जल्दी से कहा, उसको स्वयं पर पूरा विश्वास न हो रहा था। उसकी आँखें उदासी से भिची और उसने अपना होंठ दबाते हुए कहा, “अब मुझे सोचने दो। शायद, एक सफेद चूहा? मेरे पास कुछेक अच्छे सफेद चूहे हैं।” “नहीं,” उस व्यक्ति ने कहा, “चूहे नहीं चाहिए, पर कुछ पंख वाली चीज! कुछ जो उड़ती हो।” “एक पक्षी!” पर्सेल ने उत्तेजित स्वर में कहा।

12. “A bird’s ………. …………….Just five dollars.” (Page 40)

“पक्षी, बिल्कुल ठीक है।” ग्राहक ने अचानक लटकते हुए एक पिंजरे की ओर इशारा किया जिसमें दो सफेद बर्फ जैसे पक्षी थे। “फाख्तायें? इनका क्या मूल्य है?”
“साढ़े पाँच,” तत्काल उत्तर आया। “और बहुत उचित कीमत है। वह एक अच्छा जोड़ा है।”
“साढ़े-पाँच?” व्यक्ति ने मंद आवाज में कहा। उसने सकुचाते हुए पाँच डॉलर निकाले। “मैं यह पक्षी लेना पसन्द करूँगा। पर मेरे पास यही है। महज पाँच डॉलर।”

13. Mentally, Mr. Purcell………dollars. (Page 40)

मन ही मन में श्रीमान पर्सेल ने तुरंत हिसाब किया, और यह अंदाजा लगाया कि पचास सेंट की कमी से भी वह कुछ लाभ कमा सकता है। वह उदारतापूर्वक मुस्कुराया। “मेरे प्रिय, अगर तुम इनको इतना चाहते हो तो तुम निश्चित रूप से इन्हें पाँच डॉलर में ले सकते हो।”

14. “Tu take them……… ……it get you? (Page 40)

“मैं ले लूँगा।” उसने उसके काउन्टर पर पाँच डॉलर रख दिये। श्रीमान पर्सेल ने घसीटते हुए चलते-चलते पिंजरा खोला और उसे अपने ग्राहक को दे दिया। वह ग्राहक अपना सिर एक तरफ से दूसरी तरफ हिलाने लगा और लगातार आने वाली चहचाहट भरी आवाजें सुनने लगा। एकदम उसने कहा, “क्या यह शोर आपको परेशान नहीं करता?” ।

15. “Noise ?.. ……I guess so. (Page 40)

“शोर? कैसा शोर?” श्रीमान पर्सेल हैरान लग रहे थे। उन्हें कुछ भी अजीब नहीं सुनाई दे रहा था। ग्राहक घूरने लगा। “मेरा मतलब सब कुछ जो पिंजरे में बंद है। क्या यह तुम्हें पागल नहीं बना देता?” श्रीमान पर्सेल पीछे मुड़ा। या तो वह व्यक्ति पागल था, या पिये हुए था। उसने जल्दी से कहा, “ठीक है। निश्चय ही, मेरा अनुमान है।”

16. “Listen …. ………………long time. Now.(Page 40)

“सुनो।” घूरती आँखें पास आईं। “आप के विचार में मुझे पाँच डॉलर कमाने के लिए कितना समय लगा?” व्यापारी उसे दुकान से बाहर जाने का आदेश देना चाहता था। पर, तब भी, वह यह नहीं कर सकता था। उसने स्वयं को कर्त्तव्यपूर्वक कहते सुना, “क्यों, क्यों, आपको कितना समय लगा?” दूसरा हँसने लगा। “दस साल की-कड़ी मेहनत। पाँच डॉलर कमाने में दस वर्ष । एक वर्ष के पचास सेंट।”पर्सेल ने निश्चय किया यह अच्छा (अवसर) था, उसको खुश करने के लिए। “अरे,अरे, दस वर्ष। यह निश्चित रूप से लम्बा समय है। अब.

17. “They give …. ……………………his purchase. (Page 41)

“वे तुम्हें पाँच डॉलर देते हैं,” व्यक्ति हँसा, “और एक सस्ता सूट, और तुम्हें कहते हैं दुबारा मत पकड़े जाओ।” श्रीमान पर्सेल ने अपनी भौंहों से पसीना पौंछा। “अब, फाख्ताओं की देखभाल और खाने के बारे में मैं सलाह दूंगा……” “हुँ….हुँ!” व्यक्ति मुड़ा, और एकदम दुकान से बाहर निकला। पर्सेल ने राहत की सांस ली। वह खिड़की के पास जाकर घूरने लगा। तभी बाहर वह अजीब ग्राहक रुका। वह पिंजरे को कंधे के ऊपर उठाये हुए था और अपनी खरीद (फाख्ताओं) को घूर रहा था।

18. Then, opening …… …………………the cage. (Page 41)

तब, पिंजरा खोलते हुए, वह अंदर पहुँचा और एक फाख्ता को बाहर निकाला। उसने उसे हवा में उछाला। उसने दूसरी फाख्ता को भी निकाला और पहली फाख्ता के बाद उड़ा दिया। वे रोएंदार गेंदों की तरह की सर्द शहर के सलेटी धुएँ में खो गईं। कुछ पल तक वह मुक्तिदाता की खामोश और उठी हुई नजर से उन्हें देखता रहा। तब उसने पिंजरे को नीचे फेंक दिया। .

19. He shoved ……………………………….insulted. (Pages 41-42)

उसने अपने दोनों हाथ पतलून की जेब में डाले और अपना सिर मोड़ता हुआ वहाँ से चला गया। व्यापारी की भौंह पर व्याकुलता के कारण झुर्रियाँ पड़ गईं। उस व्यक्ति ने फाख्ताओं को इतनी तीव्रता से चाहा था कि उसने इन्हें कम दाम पर दे दिया था। और एकदम उसने उन्हें आज़ाद कर दिया। “पर क्यों?” श्रीमान पर्सेल बुदबुदाए, “उसने ऐसा क्यों किया?” उसको अस्पष्ट तौर पर अपनी बेइज्जती महसूस हो रही थी।

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