Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि

We have given detailed NCERT Solutions for Class 6 Sanskrit Grammar Book क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि Questions and Answers come in handy for quickly completing your homework.

Sanskrit Vyakaran Class 6 Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि

अभ्यासः

प्रश्न 1.
(क) तालिकां पूरयत। (तालिका पूरी कीजिए। Complete the table.)

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 15
उत्तर:
प्रथम पुरुषः-धावति, धावन्ति, मध्यम पुरुष:धावसि, धावथ, उत्तम पुरुष:-धावामि, धावामः।

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 16
उत्तर:
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 24

(ख) रिक्तस्थानानि पूरयत। (रिक्त स्थान भरिए। Fill in the blanks.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 17

प्रश्न 2.
उदाहरणानुसारम् रिक्तस्थानानि पूरयत। (उदाहरण के अनुसार रिक्त स्थान भरिए। Fill in the blanks as per the example.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 18
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 19

प्रश्न 3.
रिक (रिक्त स्थान भरिए- Fill in the blanks.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 20
उत्तर:
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 21

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 23
उत्तर:
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 22

प्रश्न 4.
रेखाङ्कितक्रियापदम् संशोधयत- (रेखांकित क्रिया-पदों को शुद्ध कीजिए- Correct the underlined verbs.)

(क) सा दुग्धम् पिबिष्यति।। ……………….
(ख) अहम् बहिः खेलिष्यति। ……………
(ग) अहम् क्रीडितुम् गच्छिष्यामि। …………………..
(घ) त्वम् किं खादिष्यति? …………………..
(ङ) छात्र: लेखम् लिखिष्यति। …………………..
उत्तर:
(क) पास्यति
(ख) खेलिष्यामि
(ग) गमिष्यामि
(घ) खादिष्यसि
(ङ) लेखिष्यति प्रश्नः

प्रश्न 5.
उदाहरणम् अनुसृत्य वाक्यानि पुनः लिखत। (उदाहरण के अनुसार वाक्य को पुनः लिखिए। Rewrite the sentences as per the example.)

उदाहरणम् – बालकः खेलति। बालकः खेलिष्यति।

(क)
(i) सः किम् करोति? …………………..
(ii) अम्बा पचति। …………………..
(iii) अहम् नमामि। …………………..
(iv) वयम् धावामः। …………………..
(v) यूयम् क्रीडथ। …………………..
उत्तर:
(i) सः किम् करिष्यति?
(ii) अम्बा पक्ष्यति ।
(iii) अहम् नस्यामि ।
(vi) वयम् धाविष्यामः।
(v) यूयम् क्रीडिष्यथ।

(ख) उदाहरणम्- बालक: सत्यम् वदति। — बालकः सत्यम् अवदत् ।

(i) सा भोजनम् पचति । — ……………..
(ii) अजीजः गच्छति। — ……………..
(iii) सः मह्यम् यच्छति। — ……………..
(iv) सा त्वाम् वदति। — ……………..
(v) स्वामी सेवकम् पृच्छति। — ……………..
उत्तर:
(i) सा भोजनम् अपचत्।
(ii) अजीज: अगच्छत् ।
(iii) सः मह्यम् अयच्छत्।
(iv) सा त्वाम् अवदत् ।
(v) स्वामी सेवकम् अपृच्छत् ।

(ग) उदाहरणम् – बालक: खादतु। — बालकः खादति।

(i) सा लिखतु। — ……………..
(ii) छात्रः पठतु। — ……………..
(iii) बालिका क्रीडतु। — ……………..
(iv) अजीजः गच्छतु। — ……………..
(v) सः नमतु। — ……………..
उत्तर:
(i) सा लिखति।
(ii) छात्रः पठति।
(iii) बालिका क्रीडति ।
(iv) अजीजः गच्छति।
(v) सः नमति।

प्रश्न: 6.
निर्देशानुसारम् परिवर्तनम् कुरुत। (निर्देश के अनुसार परिवर्तन कीजिए ।Change as directed.)

उदाहरणम् – स: नमति। ( उ०पु०) अहम् नमामि।
(क) यूयम् धावथ। — (एकवचने) — ……………..
(ख) अहम् नमामि। — (द्विवचने) — ……………..
(ग) त्वम् वदसि। — (प्रथमपुरुषे) — ……………..
(घ) वयम् क्रीडिष्यामः। — (लट्लकारे) — ……………..
(ङ) युवाम् पठथः। — (लुट्लकारे) — ……………..
उत्तर:
(क) त्वम् धावसि।
(ख) आवाम् नमावः।
(ग) सः वदति।
(घ) वयम् क्रीडामः।
(ङ) युवाम् पठिष्यथः।

क्रियापदानि

अधोदत्तानि वाक्यानि अवलोकयत। (नीचे दिए गए वाक्यों को देखिए। Examine the sentences given below.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 1
उपरिलिखित वाक्यों में स्थूल शब्द क्रियापद हैं।
क्रियापद वे शब्द होते हैं जो क्रिया का बोध कराते हैं। प्रत्येक वाक्य में एक क्रियापद होता है। प्रत्येक क्रियापद धातु से बनता है और क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं।
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 2

(In the sentences given at the beginning of the chapter the words in bold are verbs. The words which tell us about an action are called verbs. Simply put verbs are ‘doing’ words. Each sentence has a verb. Each verb is formed from a root.)

धातुरूपाणि

प्रत्येक धातु से अनेक क्रियापद बनते हैं। इसी को धातुरूप कहते हैं। नीचे ‘पठ्’ धातु के लट् लकार में रूप दिए गए हैं। लट् लकार का प्रयोग वर्तमान काल की क्रिया को दर्शाने के लिए किया जाता है।

(Many verb forms can be formed from a single root. This is called conjugation. Below are given the forms of the root पठ् in लट् लकार। लट् लकार is used to denote action in Present.
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 3
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 4

परिवर्तनशील-धातवः

(परिवर्तनशील धातुएँ, Roots that undergo a change.)

कुछ धातुएँ परिवर्तनशील होती हैं अर्थात् रूप चलाते समय उनमें परिवर्तन आता है; जैसे-गम् धातु का रूप चलाते समय ‘गच्छ्’ हो जाता है। (Some roots undergo a change, when they are conjugated e.g. the root गम् changes into गच्छ when conjugated.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 5Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 6

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 7

अवधेयम् – अंग्रेजी भाषा की तरह संस्कृत भाषा में भी कर्त्ता में लिङ्ग-भेद होने से क्रियापद में लिङ्ग भेद नहीं होता। (हिन्दी भाषा में क्रियापद में लिङ्ग-भेद होता है।)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 8
(As in English, so also in Sanskrit there is no difference in the verb form whether the subject of the sentence is in Masculine or Feminine Gender.)

लट्लकारः
भविष्यत् काल-Future Tense

लृट् लकार का प्रयोग भविष्यत् काल की क्रिया को दर्शाने के लिए होता है। (लट् लकार is used to denote action in the future.)
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 9

उपर्युक्त वाक्यों में आए स्थूल पद-पठिष्यति, लेखिष्यति, खेलिष्यति-लृट् लकार के क्रियापद हैं जो क्रमश: पठ्, लिखु, खेल धातु से बने हैं। The words in bold are verbs of Future Tense (लुट्लकार)।

अवधेयम्-लुट लंकार में धातु के आगे लगने वाले प्रत्यय-ति, तः, अन्ति आदि वही होते हैं जो लट् लकार में धातु में जोड़े जाते हैं, किन्तु लृट् लकार में धातु और प्रत्यय के बीच ‘स्य’ अथवा ‘ष्य’ आ जाता है; यथा दा + स्य + ति = दास्यति; लिख + ष्य + ति = लेखिष्यति इत्यादि। (In लृट् लकार the root takes the same suffixes ति, तः, अन्ति etc., that are added in लट् लकार. But in लृट् लकार ‘स्य’ or ‘ष्य’ is inserted between the root and the suffix, when the root is conjugated.) नीचें कुछ धातुओं के लृट् लकार के रूप दिए गए हैं। (Given below is the conjugation of a few roots in लृट् लकार.)

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 10
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 11
Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 12

उपर्युक्त वाक्यों में आए स्थूलपद-लङ्लकार के क्रियापद हैं जो क्रमशः गम्, पत्, खेल धातु से बने हैं। लङ्लकार का प्रयोग भूत काल की क्रिया को दर्शाने के लिए किया जाता है। लङ्लकार में धातु से पहले ‘अ’ जोड़ा जाता है। यथा- अवदत्, अनमत्, अलिखत् इत्यादि। उदाहरण रूप दिए गए क्रियापद प्रथम पुरुष एकवचन में हैं। अवलोकन हेतु लङ्लकार में पठ् धातु के तीनों पुरुषों के रूप नीचे दिए गए हैं यद्यपि इस कक्षा में प्रथम पुरुष, एकवचन के रूप पर ही ध्यान केंद्रित किया गया है।Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 13

उपर्युक्त वाक्यों में ‘पठ’, ‘आनय’, ‘लिख’ लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन के रूप हैं। लोट्लकार का अधिकतम प्रयोग मध्यम पुरुष, एकवचन में होता है; कर्त्ता ‘त्वम्’ प्रायः लुप्त रहता है। अवलोकन हेतु पठ् धातु के लोट् लकार के रूप नीचे दिए गए हैं, यद्यपि सविस्तार चर्चा अगली कक्षाओं में होगी।

Class 6 Sanskrit Grammar Book Solutions क्रियापदानि तथा धातुरूपाणि 14

The Complete Educational Website

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *